सच्ची घटना पर आधारित एक कहानी सर्दियों की एक ठंडी सुबह थी। मेरी नानी जी अपने गाँव में आराम से रह रही थीं, लेकिन अचानक एक दिन उन्हें अपने कान में अजीब सा दर्द महसूस हुआ। दर्द इतना तेज़ था कि वे सहन नहीं कर पाईं और हमारे नज़दीकी अस्पताल, सराहन में डॉक्टर से इलाज कराने चली गईं। डॉक्टर ने उन्हें देखा, और बिना ज्यादा पूछताछ किए नानी जी को अस्पताल में भर्ती कर लिया। नानी जी कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही उन्हें ग्लूकोज़ चढ़ाया जाने लगा। करीब सात दिन बीत गए। इस दौरान मैं भी एक दिन अपनी नानी से मिलने अस्पताल गया। जब मैंने उन्हें देखा तो नानी जी को बिस्तर पर लेटे हुए पाया और उनके हाथ में ग्लूकोज़ की बोतल लगी हुई थी। मैंने तुरंत नानी जी से पूछा, "क्या हुआ, नानी? आप तो अस्पताल में भर्ती हो गईं!" नानी जी ने धीमी आवाज़ में जवाब दिया, "बेटा, कान में कुछ घुस गया था, तो यहाँ दिखाने आई थी। डॉक्टर ने मुझे भर्ती कर लिया और अब मुझे ताकत के इंजेक्शन लगा रहा है।" मैंने थोड़ा हैरान होते हुए कहा, "लेकिन नानी, आपको तो कान में दर्द हो रहा है, फिर ये ताकत के इंजेक्शन क्यों लगा र...
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