आज पच्छाद (सराहन) में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। Food Inspector, Food & Civil Supplies and Consumer Affairs, Block पच्छाद तथा H.P. State Civil Supplies Corporation Ltd., सराहन के In-charge की उपस्थिति में पच्छाद ब्लॉक के सभी Union FPS Holders को वेबसीरीज़ “The White Truth” के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर सभी FPS धारकों से यह संदेश लिया गया कि वे Gyan Vigyan Stream YouTube Channel को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने में सहयोग करेंगे और चैनल को सब्सक्राइब कर समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम बनेंगे। FPS धारक केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे हर घर से सीधे जुड़े हुए होते हैं। यही कारण है कि वे समाज में सही जानकारी, सच्चाई और जागरूकता का संदेश पहुँचाने में एक मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं। अगर FPS धारक चाहें, तो वे अपने माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और जनहित की पहल को नई दिशा दे सकते हैं। यह प्रयास न सिर्फ एक वेबसीरीज़ के प्रचार तक सीमित है, बल्कि समाज को सच से जोड़ने और जागरूक बनाने की एक सशक्त शुरुआत है। ऐसी पहलों से ही बदलाव आता...
मैं बचपन से ही ज़्यादातर समय माँ‑पापा के पास नहीं, अपने नाना जी के पास रहा। पता नहीं ऐसा क्या था उनमें, कि वो ही मुझे सबसे ज़्यादा अपने लगे। कभी‑कभी सोचता हूँ— क्या हमारे बीच सिर्फ़ इस जन्म का रिश्ता था, या कोई बहुत पुराना, शायद पौराणिक सा संबंध था, जो शब्दों में नहीं बंधता। आज मैं 33 वर्ष का हो गया हूँ, पर बचपन से लेकर आज तक मुझे याद नहीं पड़ता कि नाना जी ने कभी मुझे डाँटा हो। बच्चे को डाँटना तो आम बात है, और 3‑4 साल से 30‑31 साल तक किसी भी उम्र में यही होता है। पर नाना जी ने कभी ऐसा नहीं किया। यहाँ तक कि कभी ऊँची आवाज़ में भी मुझसे बात नहीं की। उन्होंने हमेशा समझाया, सिखाया— किसी का बुरा मत करना, किसी के बारे में गलत मत बोलना। उनकी हर सीख में शांति और सच्चाई होती थी। नाना जी, आपसे मैंने जो सीखा है, आपने जो भी मुझे सिखाया है— वो संस्कार मैं जीवन भर याद रखूँगा। न किसी से लड़ाई, न झगड़ा, न बैर। जो हमारे बारे में गलत सोचते हैं, जो हमारा भला नहीं चाहते— उनकी बातों को नज़रअंदाज़ करना और अपने कर्म और अपने रास्ते पर ध्यान देना। आप कहा करते थे— “जिसकी सोच जितनी होती है, वो उतना ही...